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सुकन्या समृद्धि योजना: बेटी के सपनों को मिल रही है पंख!

सुकन्या समृद्धि योजना 2025 पोस्टर - बेटी के भविष्य की बचत योजना

सुकन्या योजना के ज़रिए बेटियों को दें आर्थिक आज़ादी और उज्ज्वल भविष्य

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” सिर्फ नारा नहीं, अब एक सशक्त पहल बन चुकी है। और इसी सोच को ज़मीन पर उतारने के लिए भारत सरकार ने सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) की शुरुआत की थी — 2015 में। यह योजना एक मां-बाप के उस सपने को साकार करने का जरिया है, जिसमें वो अपनी बेटी को पढ़ी-लिखी, आत्मनिर्भर और खुशहाल देखना चाहते हैं।

आज जब महंगाई आसमान छू रही है, ऐसे में बेटियों की शिक्षा और शादी के लिए पैसे जोड़ना आसान नहीं होता। लेकिन अगर आप थोड़ी समझदारी से काम लें और सही योजना अपनाएं, तो यह बिल्कुल भी मुश्किल नहीं। सुकन्या योजना उसी समझदारी का नाम है।

योजना का मकसद क्या है?

सरकार का साफ उद्देश्य है – 10 साल से कम उम्र की बच्चियों के भविष्य को आर्थिक सुरक्षा देना। ताकि जब वो बड़ी हों, तब उनके सपनों की उड़ान में पैसों की कमी कभी आड़े न आए।

कौन खाता खोल सकता है?

अगर आपके घर में 10 साल से छोटी बच्ची है, तो आप (माता-पिता या अभिभावक) उसके नाम पर SSY खाता खोल सकते हैं।
खास बात ये है कि:

 

कितना पैसा जमा करना होगा?

इस योजना की सबसे बड़ी खूबी है — इसमें हर वर्ग का आदमी निवेश कर सकता है।

यानि आपकी जेब जितनी इजाज़त दे, उतना डालिए — बेटी के नाम।

ब्याज दर – मुनाफा ही मुनाफा!

2024-25 के लिए ब्याज दर 8.2% सालाना है।
अब बताइए, इतना ब्याज आजकल कौन देता है? FD, RD, सब इसके आगे फेल हैं।

ब्याज की गणना सालाना होती है और यह पूरा पैसा टैक्स फ्री होता है।

निवेश का समय और परिपक्वता

 

टैक्स में भी फायदा!

यह योजना पूरी तरह टैक्स फ्री है:

यह सब Income Tax Act की धारा 80C के तहत कवर होता है।

कहां खोलें खाता?

 

पढ़ाई के लिए पैसा निकाल सकते हैं?

बिलकुल! अगर बेटी ने 10वीं पास कर ली है या 18 साल की हो गई है, तो आप उसकी उच्च शिक्षा के लिए जमा रकम का 50% तक निकाल सकते हैं।

यानि बेटी को डॉक्टर, इंजीनियर या कुछ और बनाना है – तो पैसे की चिंता मत कीजिए।

कुछ ज़रूरी बातें

 

क्यों चुनें यही योजना?

 

मेरी सलाह

अगर आप रोज़ाना ₹50 से ₹100 भी अलग रखते हैं, तो महीने के ₹1500-3000 आराम से बनते हैं। साल में यही ₹18,000 से ₹36,000 की सेविंग बनती है। और यही पैसा 15-20 साल बाद बेटी के लिए लाखों में बदल जाएगा।

कहते हैं — बेटी है तो कल है, और सुकन्या योजना इस कल को आज से बेहतर बना रही है।

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