प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना – असंगठित श्रमिकों का बुढ़ापे का सहारा
हमारे देश में करोड़ों लोग ऐसे हैं जो दिन-रात मेहनत करते हैं, लेकिन नौकरी की तरह उन्हें न पेंशन का भरोसा होता है और न ही रिटायरमेंट के बाद कोई सहारा। इनमें रेहड़ी-पटरी वाले, चाय-समोसा बेचने वाले, रिक्शा चालक, घरों में काम करने वाली बुआ-दिदी, खेतों में मजदूरी करने वाले भाई-बहन और फैक्ट्री के दिहाड़ी … Read more