“बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” सिर्फ नारा नहीं, अब एक सशक्त पहल बन चुकी है। और इसी सोच को ज़मीन पर उतारने के लिए भारत सरकार ने सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) की शुरुआत की थी — 2015 में। यह योजना एक मां-बाप के उस सपने को साकार करने का जरिया है, जिसमें वो अपनी बेटी को पढ़ी-लिखी, आत्मनिर्भर और खुशहाल देखना चाहते हैं।
आज जब महंगाई आसमान छू रही है, ऐसे में बेटियों की शिक्षा और शादी के लिए पैसे जोड़ना आसान नहीं होता। लेकिन अगर आप थोड़ी समझदारी से काम लें और सही योजना अपनाएं, तो यह बिल्कुल भी मुश्किल नहीं। सुकन्या योजना उसी समझदारी का नाम है।
योजना का मकसद क्या है?
सरकार का साफ उद्देश्य है – 10 साल से कम उम्र की बच्चियों के भविष्य को आर्थिक सुरक्षा देना। ताकि जब वो बड़ी हों, तब उनके सपनों की उड़ान में पैसों की कमी कभी आड़े न आए।
कौन खाता खोल सकता है?
अगर आपके घर में 10 साल से छोटी बच्ची है, तो आप (माता-पिता या अभिभावक) उसके नाम पर SSY खाता खोल सकते हैं।
खास बात ये है कि:
- एक परिवार में दो बेटियों तक के लिए खाता खुल सकता है।
- जुड़वा या ट्रिपल बच्चियों के केस में तीन खातों की अनुमति भी मिलती है।
कितना पैसा जमा करना होगा?
इस योजना की सबसे बड़ी खूबी है — इसमें हर वर्ग का आदमी निवेश कर सकता है।
- न्यूनतम राशि: ₹250 प्रति वर्ष (यानी एक समोसे के दाम से भी कम!)
- अधिकतम सीमा: ₹1.5 लाख प्रति वर्ष
यानि आपकी जेब जितनी इजाज़त दे, उतना डालिए — बेटी के नाम।
ब्याज दर – मुनाफा ही मुनाफा!
2024-25 के लिए ब्याज दर 8.2% सालाना है।
अब बताइए, इतना ब्याज आजकल कौन देता है? FD, RD, सब इसके आगे फेल हैं।
ब्याज की गणना सालाना होती है और यह पूरा पैसा टैक्स फ्री होता है।
निवेश का समय और परिपक्वता
- खाता खोलने के 15 साल तक नियमित निवेश करना होता है।
- खाता 21 साल में मैच्योर होता है।
- लेकिन अगर बेटी की शादी 18 साल की उम्र के बाद होती है, तो उससे पहले भी खाता बंद कराया जा सकता है।
टैक्स में भी फायदा!
यह योजना पूरी तरह टैक्स फ्री है:
- जो पैसा आप खाते में डालते हैं – टैक्स छूट
- जो ब्याज मिलता है – टैक्स फ्री
- जो मैच्योरिटी अमाउंट मिलता है – वो भी टैक्स फ्री
यह सब Income Tax Act की धारा 80C के तहत कवर होता है।
कहां खोलें खाता?
- पोस्ट ऑफिस या फिर किसी भी सरकारी बैंक में खाता खुलवाया जा सकता है।
- अगर आप कहीं और शिफ्ट हो जाते हैं, तो खाता देश में कहीं भी ट्रांसफर किया जा सकता है।
पढ़ाई के लिए पैसा निकाल सकते हैं?
बिलकुल! अगर बेटी ने 10वीं पास कर ली है या 18 साल की हो गई है, तो आप उसकी उच्च शिक्षा के लिए जमा रकम का 50% तक निकाल सकते हैं।
यानि बेटी को डॉक्टर, इंजीनियर या कुछ और बनाना है – तो पैसे की चिंता मत कीजिए।
कुछ ज़रूरी बातें
- खाता बेटी के नाम पर होगा, लेकिन ऑपरेशन अभिभावक करेगा।
- खाते को ऑनलाइन भी मैनेज किया जा सकता है (बैंकिंग सुविधा पर निर्भर)।
- हर साल समय पर न्यूनतम राशि (₹250) डालना जरूरी है, वरना खाता बंद हो सकता है।
क्यों चुनें यही योजना?
- बेटी के भविष्य की गारंटी।
- हर वर्ग के लिए सुलभ।
- सरकारी योजना, यानि कोई धोखा नहीं।
- टैक्स में भारी राहत।
- महंगाई के मुकाबले बेहतर ब्याज।
मेरी सलाह
अगर आप रोज़ाना ₹50 से ₹100 भी अलग रखते हैं, तो महीने के ₹1500-3000 आराम से बनते हैं। साल में यही ₹18,000 से ₹36,000 की सेविंग बनती है। और यही पैसा 15-20 साल बाद बेटी के लिए लाखों में बदल जाएगा।
कहते हैं — बेटी है तो कल है, और सुकन्या योजना इस कल को आज से बेहतर बना रही है।